अमेरिका में अंग्रेजी भाषा के दर्जे पर उठे विरोध के स्वर
हयूस्टन , २० मई २००६(प्रभासाक्षी) । अमेरिका के बहुजातीय ऒर सांस्कृतिक विविधता वाले समाज में अंग्रेजी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने संबंधी प्रस्ताव सीनेट ने भले ही पारित कर दिया हो लेकिन राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश समेत बहुतेरे लोगों को यह उचित नहीं लगता है। अमेरिका के एटार्नी जनरल अल्बर्टो गोंजालेज ने कल बताया कि श्री बुश अंग्रेजी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देने के कभी समर्थक नहीं रहे हैं। इसके स्थान पर श्री बुश ने हमेशा ऐसी नीति का समर्थन किया है जिसमें अंग्रेजी के साथ ही अन्य भाषाओं में दक्षता को भी पर्याप्त महत्व मिले। गौरतलब है कि सीनेट ने दो दिन पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर सरकार से अंग्रेजी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है। इसके विरोधियों का कहना है कि इससे अमेरिकी सरकार की कुछ बहुभाषीय सेवाओं की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस प्रस्ताव में अंग्रेजी को अमेरिका को एकता बढ़ाने वाली भाषा भी कहा गया है।
श्री गोंजालेज ने कहा- निश्चित रूप से अंग्रेजी अमेरिका में आजादी को अभिव्यक्त करती है ऒर सफल होने की चाह रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी है लकिन मुझे नहीं लगता कि इसे राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देने वाले कानून की जरूरत है। यह तो एक आम भाषा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा से ही विभिन्न संस्कृतियों की मिलन स्थली रहा है ऒर यह अमेरिका की महान परंपरा है।