राष्ट्रपति ने हिन्दी में दिया अपना भाषण
नयी दिल्ली 14 सितंबर (भाषा)। अन्य भाषाओं के साथ राष्ट्रभाषा का तालमेल बिठाने की सलाह देते हुए राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आज कहा कि हिन्दी के भाषा के प्रचार प्रसार में तेजी लायी जानी चाहिए और दूसरी भाषाओं के गम्भीर साहित्य का इसमें अनुवाद होना जरूरी है।
देश और विदेश में हिंदी के लिये सर्जनात्मक एवं प्रचार प्रसार कार्य में लगे तीस विद्वानों को यहां हिंदी दिवस के अवसर पर हिन्दी सेवी पुरस्कारों से सम्मानित करने के बाद हिन्दी में दिये अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विदेश यात्रा के दौरान खासकर रूस उक्रेन और बुल्गारियों आदि देशों में उन्होंने लोगों में हिन्दी के प्रति उत्साह देखा है।
हिन्दी
को और उदार बनाये जाने की सलाह देते हुए राष्ट्रपति ने कहा अन्य भाषाओं के साथ
हिन्दी का तालमेल होना जरूरी है।
मानव संसाधन
मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि हिन्दी मात्र भाषा नहीं है बल्कि यह एक समद्ध परम्परा
बन चुकी है और इस परम्परा को आगे बढाने की जिम्मेदारी हम सब की है। उन्होंने कहा
कि हिंदी को आगे बढ़ाने में आ रही चुनौतियों का हम सबको सामना करना होगा।
आगरा के केन्द्रीय
हिंदी संस्थान के तत्वाधान में विज्ञान भवन में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा
आयोजित समारोह में 30 हिन्दी सेवियों को सम्मानित किया गया।